संकरी गली, भारी भीड़ और तेज बारिश के बीच बिगड़े हालात, निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा पर भी उठे सवाल
कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ की दर्दनाक घटना सामने आई। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। मृतकों में 13 महिलाएं, चार पुरुष और दो बच्चे शामिल हैं। घायलों में एक की हालत गंभीर बताई गई है।
तेज बारिश और भीड़ के दबाव से बिगड़े हालात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महा सप्तमी के दिन दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। संकरी राधा माधव सहा लेन में प्रवेश के इंतजार के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए लोगों के आगे बढ़ने के बीच भीड़ का दबाव बढ़ गया और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
बताया गया कि पंडाल के भीतर और बाहर मौजूद लोग भीड़ में फंस गए। निकास द्वार की ओर बढ़ने के दौरान सीढ़ियों के पास कई लोगों के गिरने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पीछे से आ रही भीड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा की भी जांच
घटना के बाद भगदड़ के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त की प्रारंभिक जानकारी में निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और बार-बार सीटी बजाए जाने के बाद हालात बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
पूजा समिति के सदस्यों और निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों को हिरासत में लेकर घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की गई है। भाजपा ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि इस दुखद समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय प्रभावित परिवारों की सहायता और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और ग्रुप-डी के पद पर सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने का एलान किया गया है।
सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी उठाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज के लिए पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र
मुख्यमंत्री ने मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एक मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया है।
इस हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित प्रवेश-निकास, आपातकालीन घोषणाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किस स्तर पर चूक जिम्मेदार थी।