कन्नौज, 17 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में टॉप करने वाली छात्रा सृष्टि दीक्षित को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का अवसर मिला। मिशन शक्ति अभियान के तहत मिली इस जिम्मेदारी को संभालते ही सृष्टि ने न केवल फरियादियों की समस्याएं सुनीं, बल्कि एक बुजुर्ग महिला की गुहार पर कानूनगो के तबादले का निर्देश भी दिया। उनके फैसले ने प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने के उनके आत्मविश्वास को सामने रखा।
गुरसहायगंज स्थित राधा देवी आदर्श संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा सृष्टि दीक्षित ने वर्ष 2025-26 की हाईस्कूल परीक्षा में 94.43 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। शुक्रवार को वह अपने अभिभावकों और शिक्षकों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। यहां जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने उन्हें एक दिन के लिए अपनी कुर्सी सौंप दी।
बुजुर्ग महिला की फरियाद पर लिया फैसला
एक दिन की जिलाधिकारी बनीं सृष्टि के सामने सबसे पहले बुजुर्ग जहानवती अपनी समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने खराब स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए तिर्वा तहसील में तैनात अपने बेटे यज्ञदत्त, जो कानूनगो के पद पर कार्यरत हैं, का तबादला छिबरामऊ तहसील में कराने का अनुरोध किया। सृष्टि ने उनकी समस्या सुनने के बाद तबादले का निर्देश दिया। निर्णय के बाद भावुक हुई बुजुर्ग महिला ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
इसके अलावा, आवास संबंधी समस्या लेकर पहुंचीं निशा के मामले में मुख्य विकास अधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं, वरासत प्रमाणपत्र के लिए पहुंचे धीरेंद्र की समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उन्हें प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया गया। छिबरामऊ के दीपक कुमार की शिकायत पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को जांच के निर्देश भी दिए गए।
दो गांवों में अंत्येष्टि स्थल निर्माण को मंजूरी
एक दिन की जिलाधिकारी के रूप में सृष्टि ने उमर्दा विकासखंड के ग्राम बस्ता और छिबरामऊ के ग्राम द्वारिकापुरी में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया। दोनों स्थानों पर 24.36-24.36 लाख रुपये की लागत से निर्माण प्रस्तावित है। इस तरह कुल 48.72 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
छात्राओं के लिए बनीं प्रेरणा
सृष्टि दीक्षित मूल रूप से हरदोई जिले के बघौली की रहने वाली हैं और गुरसहायगंज में अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने एक दिन की जिलाधिकारी बनने के अनुभव को गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक बताया। उनके अनुसार, इस अवसर से उन्हें आम लोगों की समस्याएं सुनने, उनके समाधान की प्रक्रिया समझने और प्रशासनिक दायित्वों को करीब से जानने का मौका मिला।
मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के तहत दिया गया यह अवसर छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और नेतृत्व की जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करने की पहल है। सृष्टि की उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि मेहनत और शिक्षा के दम पर बेटियां नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं।