बेसहारा बच्चों और बुजुर्गों के संरक्षण के लिए ‘आसरा’ और ‘करुणा’ अभियान, लोगों को किया जागरूक

रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के तहत बेसहारा बच्चों और असहाय वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण, अधिकारों और सम्मानजनक जीवन को लेकर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित ‘आसरा’ एवं ‘करुणा’ अभियान के माध्यम से जरूरतमंदों को सहायता और विधिक संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में सड़क और होटल के आसपास रहने वाले बेसहारा बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण, कानूनी सहायता और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही असहाय बुजुर्गों के अधिकारों के प्रति नागरिकों को जागरूक किया गया।

इस दौरान बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। लोगों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और सखी वन स्टॉप सेंटर 181 की सेवाओं के बारे में भी बताया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन संकटग्रस्त बच्चों को सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने में मदद करती है, जबकि सखी वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता, परामर्श और जरूरी सेवाएं प्रदान करता है।

अभियान के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि वे जरूरतमंद बच्चों और असहाय बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता रखें, उनके अधिकारों का सम्मान करें और संकट की स्थिति में संबंधित सहायता सेवाओं की जानकारी उन तक पहुंचाएं। इसका उद्देश्य कमजोर वर्गों को उपलब्ध सरकारी सहायता और कानूनी सेवाओं से जोड़कर उनका सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन की केसवर्कर स्तुति राजवाड़े, जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा कुमार चंद्राकर, आउटरीच वर्कर महेश पटेल सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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