कच्चे शेड से पक्के मकान तक, मनरेगा ने बदली महेश नाग की जिंदगी

सेवा संकल्प अभियान: पशु शेड से बढ़ा दूध उत्पादन, डेयरी व्यवसाय से मजबूत हुई आर्थिक स्थिति

जगदलपुर, 11 अक्टूबर 2026। बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उलनार के निवासी महेश नाग की मेहनत और सरकारी योजनाओं के समन्वय ने उनके परिवार की जिंदगी में बदलाव लाया है। कभी खेती और मजदूरी पर निर्भर रहने वाले महेश आज डेयरी व्यवसाय से नियमित आमदनी अर्जित कर रहे हैं। मनरेगा से बने पक्के पशु शेड और प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सहायता ने उन्हें परिवार के लिए बड़ा पक्का मकान बनाने में भी सक्षम बनाया है।

महेश के पास पहले भी कुछ दुधारू मवेशी थे, लेकिन कच्चे और जर्जर शेड के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गर्मी, ठंड और बारिश से पशुओं की सेहत प्रभावित होती थी, जिससे वे बार-बार बीमार पड़ते थे। इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता था और पशुपालन से पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती थी।

मनरेगा से बना 1.49 लाख रुपये का पक्का पशु शेड

महेश की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत उलनार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में उनकी निजी जमीन पर पशु शेड निर्माण की स्वीकृति दी। इसके लिए 1 लाख 49 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। पंचायत के तकनीकी दिशा-निर्देशों के अनुसार हवादार व्यवस्था और पक्के फर्श वाला पशु शेड 16 मार्च 2026 को बनकर तैयार हुआ।

पशुओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलने से उनकी सेहत में सुधार हुआ। इसके साथ ही दूध उत्पादन भी बढ़ने लगा। बढ़ते उत्पादन ने महेश को पशुपालन को व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने का अवसर दिया।

घर-घर पहुंचा रहे ताजा दूध

अब महेश सुबह और शाम जगदलपुर के आसपास के ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी इलाकों में घर-घर जाकर ताजा दूध पहुंचाते हैं। नियमित आपूर्ति और गुणवत्ता पर ध्यान देने से उन्होंने ग्राहकों के बीच अपनी पहचान बनाई है। डेयरी व्यवसाय से होने वाली आमदनी ने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद की है।

सरकारी योजनाओं के तालमेल से पक्के मकान का सपना

महेश के जीवन में बदलाव केवल पशुपालन तक सीमित नहीं रहा। पशु शेड से बढ़ी आमदनी और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता के सहयोग से वे अपने परिवार के लिए पहले से बड़ा पक्का मकान बनाने में सक्षम हुए हैं। इससे परिवार को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराने का उनका सपना भी पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ा है।

महेश नाग के अनुसार, मनरेगा से बना पशु शेड उनके परिवार के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ है। पहले पशुओं की बीमारी और कम दूध उत्पादन के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन अब वे नियमित रूप से दूध बेचकर आमदनी अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने इस बदलाव के लिए प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत महेश नाग की यह कहानी बताती है कि जरूरत के अनुरूप योजनाओं का लाभ, मेहनत और बेहतर आजीविका के प्रयास ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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