जाते-जाते दो जिंदगियों को रोशन कर गए नानजी भाई चोपड़ा, परिजनों ने पूरा किया नेत्रदान का संकल्प

जगदलपुर के 79 वर्षीय बुजुर्ग के निधन के बाद परिवार ने कराया कॉर्निया दान, दो दृष्टिबाधित लोगों को मिलेगी नई रोशनी

जगदलपुर, 11 अक्टूबर 2026। अपनों को खोने का दुख असहनीय होता है, लेकिन इसी दुख की घड़ी में लिया गया एक मानवीय फैसला किसी दूसरे परिवार के जीवन में खुशियां ला सकता है। जगदलपुर के राजीव गांधी वार्ड में दुर्गा मंदिर के पास चोपड़ा मेंशन निवासी 79 वर्षीय स्वर्गीय नानजी भाई दाना भाई चोपड़ा के परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान कराया। उनके इस फैसले से अब दो जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद जगी है।

स्वर्गीय नानजी भाई की इच्छा थी कि उनके निधन के बाद भी उनकी आंखें किसी के जीवन में उजाला ला सकें। उनके निधन के बाद शोक में डूबे परिवार ने इस इच्छा को पूरा करने का संकल्प लिया। उनके पुत्र हितेश नानजी भाई चोपड़ा और पौत्रों सुयश, जय व कनिष्ठ ने तत्परता दिखाते हुए स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी और नेत्रदान की प्रक्रिया में सहयोग किया।

सूचना मिलते ही बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई। अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम की जिला नोडल अधिकारी एवं नेत्र सर्जन डॉ. सरिता निर्मल के नेतृत्व में टीम चोपड़ा मेंशन पहुंची। टीम में सहायक नेत्रदान अधिकारी सुंकर अमृत राव, नेत्र सहायक अधिकारी गायत्री कामडी और रैयमन बघेल के साथ मेडिकल कॉलेज के पीजी चिकित्सक डॉ. विनीत, डॉ. प्रियंका, डॉ. सतीश तथा सचिवीय सहायक रोहित देवांगन शामिल रहे। टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कॉर्निया प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की।

परिवार के इस फैसले से दो जरूरतमंद दृष्टिबाधित व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की संभावना बनी है। यह पहल बताती है कि नेत्रदान के माध्यम से किसी व्यक्ति के जाने के बाद भी उसकी आंखें दूसरों के जीवन में उजाला ला सकती हैं।

नानजी भाई चोपड़ा के परिजनों ने दुख की घड़ी में नेत्रदान का संकल्प निभाकर समाज के सामने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। उनका यह कदम लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक होने और दूसरों के जीवन में रोशनी लाने के लिए प्रेरित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *