बिलासपुर 5अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश का तय समय में पालन नहीं करने के मामले में आबकारी विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाई कोर्ट ने आबकारी कमिश्नर पीएस एल्मा और अपर आबकारी आयुक्त पीएल साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है।
मामला जांजगीर-चांपा आबकारी विभाग में प्रधान आरक्षक मुकेश कुमार शर्मा की विभागीय पदोन्नति से जुड़ा है। शर्मा ने आबकारी उपनिरीक्षक पद की पदोन्नति परीक्षा में हिस्सा लिया था। उनके सेवा रिकॉर्ड में वर्ष 2017, 2018 और 2019 की प्रतिकूल प्रविष्टियों के आधार पर 15 अंक काटे गए थे, जिसके चलते वे पदोन्नति की प्रक्रिया में पीछे रह गए।
इस फैसले को शर्मा ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। 16 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने माना था कि संबंधित प्रतिकूल प्रविष्टियां उन्हें उचित अवसर दिए बिना दर्ज की गई थीं। कोर्ट ने इन प्रविष्टियों को हटाकर उपलब्ध अन्य सेवा रिकॉर्ड के आधार पर उनके पदोन्नति मामले पर फिर से विचार करने और 90 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
लेकिन निर्धारित अवधि गुजरने के बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ। करीब नौ महीने बीतने के बाद शर्मा ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी कमिश्नर और अपर आयुक्त से जवाब तलब किया। न्यायालय ने पूछा है कि आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ अवमानना अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
अब दोनों अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखना होगा। जवाब मिलने के बाद हाई कोर्ट आगे की अवमानना कार्रवाई पर निर्णय लेगा।