जगदलपुर, 23 सितंबर 2026। बस्तर संभाग में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने को लेकर 21 सितंबर को जगदलपुर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने की। इसमें बस्तर, कोंडागांव और सुकमा जिलों के पुलिस अधीक्षकों समेत केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। विशेष रूप से नक्सल पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी पुलिसिंग और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।
पुनर्वास नीति का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश
DGP ने बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने के साथ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने पात्र पुनर्वासित लोगों को नीति के तहत मिलने वाले अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए।
तकनीक के इस्तेमाल और जवाबदेही पर जोर
बैठक में पुलिस कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की बात कही गई। जिलों में तकनीक आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
गांवों और अंदरूनी क्षेत्रों में बढ़ेगा संपर्क
पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समन्वय मजबूत करने के साथ अंदरूनी इलाकों और गांवों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से विकास कार्यों का जायजा लेने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में शासन-प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर आम जनता का विश्वास मजबूत करने को पुलिसिंग की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, आईजी बस्तर बीएन मीणा, सीआरपीएफ और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, तीन जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा अन्य राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।