जगदलपुर। 31अगस्त 2026/छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और संवेदनशील झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में आज, 31 अगस्त, को NIA की स्पेशल कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब करीब 13 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं।
इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चला, जिनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। शेष आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में सुनवाई पूरी हुई। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए 101 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए। इसके अलावा कई दस्तावेजी साक्ष्य भी अदालत के समक्ष पेश किए गए।
गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर हुई अंतिम बहस के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अदालत कितने आरोपियों को दोषी करार देती है और कितनों को राहत मिलती है।
देशभर की निगाहें फैसले पर
झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के सबसे चर्चित नक्सली हमलों में शामिल रहा है। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आज आने वाले फैसले पर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर बनी हुई है।
13 वर्षों से लंबित इस मामले में अदालत का फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा तय करने के साथ ही पीड़ित परिवारों और घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों की उम्मीदों पर भी महत्वपूर्ण असर डालेगा।