कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने की वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय सहित फौती-नामांतरण प्रगति की समीक्षा
लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका वितरित करने के निर्देश
जगदलपुर, 19 अगस्त 2026/ कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय, फौती-नामांतरण एवं अभिलेख दुरुस्तीकरण की प्रगति की संभाग स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधिकार मान्यता पत्र से संबंधित लंबित फौती-नामांतरण प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्र के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के साथ ही सभी हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि वनाधिकार मान्यता पत्र के आधार पर फौती-नामांतरण की कार्यवाही पूर्ण होने के साथ ही संबंधित राजस्व अभिलेखों में आवश्यक दुरुस्तीकरण भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित होने में सहूलियत हो सके । उन्होंने प्रकरणों के निराकरण और दस्तावेजों के रिकार्ड रूम में जमा करने की प्रगति का विभागीय अमले के माध्यम से नियमित रूप से मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने वनाधिकार मान्यता पत्रों के निराकृत एवं निरस्त प्रकरणों के दस्तावेजों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखने के लिए रिकार्ड रूम में शीघ्र जमा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभिलेखों का उचित संधारण एवं रिकार्ड प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में संबंधित रिकार्ड आसानी से उपलब्ध हो सके।
समीक्षा बैठक में मुख्य वन संरक्षक बस्तर वन वृत्त स्टायलो मंडावी एवं मुख्य वन संरक्षक कांकेर वन वृत्त श्री झा ने वनाधिकार मान्यता पत्रों के फौती-नामांतरण के संबंध में मैदानी अमले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित हितग्राहियों को फौती-नामांतरण की प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों के प्रकरण समयबद्ध रूप से निराकृत किए जा सकें। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने वनाधिकार मान्यता पत्र, फौती-नामांतरण, अभिलेख दुरुस्तीकरण तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त और राजस्व, वन एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। वहीं जिलों से डीएफओ, अपर कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास वर्चुअल तौर पर जुड़े रहे।