रायपुर, 7 अगस्त। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर को आधार से लिंक करने के लिए ई-केवाईसी अभियान सितंबर से शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य वास्तविक बिजली उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करना, अवैध बिजली कनेक्शनों पर रोक लगाना और बिलिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर फेस वेरिफिकेशन और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करेंगे। ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए स्वयं ई-केवाईसी कर सकेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के नाम पर वर्तमान में स्मार्ट मीटर दर्ज नहीं है, उन्हें नाम परिवर्तन का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद बिजली कनेक्शन वास्तविक उपभोक्ता के नाम से ही संचालित किया जाएगा।
ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर, बिजली बिल का सीए नंबर, बीपीएल परिवारों के लिए राशन कार्ड तथा सब्सिडी के पात्र उपभोक्ताओं के लिए बैंक खाते की जानकारी आवश्यक होगी। यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क रहेगी। यदि कोई कर्मचारी शुल्क मांगता है तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग में की जा सकती है।
बिजली विभाग का मानना है कि आधार लिंक होने से बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा, सब्सिडी सीधे पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी और बिलिंग प्रणाली अधिक सटीक होगी। हालांकि, आधार से जुड़े उपभोक्ता डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती रहेगी।