डिंडौरी23 जुलाई 2026 मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जहर खाने वाले एक नाबालिग मरीज का उपचार मिनरल वाटर की बोतल के माध्यम से किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइन निवासी नाबालिग सत्यम ने अज्ञात कारणों से चूहे मारने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड लेकर पहुंचे। अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज के पेट की सफाई के लिए गैस्ट्रिक ट्यूब का उपयोग किया गया, लेकिन इस प्रक्रिया में ड्रिप स्टैंड पर मिनरल वाटर की बोतल टंगी दिखाई दी। किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो वायरल होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज पांडे ने स्वीकार किया कि उपचार के दौरान सामान्य पानी का उपयोग किया गया, जो निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि उपचार में मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि उपचार के बाद नाबालिग की हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन वायरल वीडियो ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले के इस अस्पताल में पहले भी अव्यवस्था और लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर मरीज के उपचार में इस तरह की प्रक्रिया क्यों अपनाई गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।