जगदलपुर, 22 जुलाई 2026। केंद्रीय जेल जगदलपुर से फरार हुए सजायाफ्ता बंदी महेन्द्र दीवान को बस्तर पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 5 वर्ष 3 माह की सजा काट रहा था और मार्च 2026 में जेल से फरार हो गया था। पुलिस ने नारायणपुर जिले में एक सप्ताह तक लगातार निगरानी और रेकी करने के बाद उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार महेन्द्र दीवान (25 वर्ष), निवासी चितालंका कलारपारा, दंतेवाड़ा, को दंतेवाड़ा के अपराध क्रमांक 104/2024 में न्यायालय द्वारा 5 वर्ष 3 माह के कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा उसके खिलाफ चोरी से जुड़े अन्य मामले भी लंबित हैं। आरोपी 4 जनवरी 2026 को जिला जेल दंतेवाड़ा से स्थानांतरित होकर केंद्रीय जेल जगदलपुर में सजा काट रहा था।
बताया गया कि 25 मार्च 2026 को वह केंद्रीय जेल जगदलपुर से फरार हो गया था। इस संबंध में कोतवाली जगदलपुर में अपराध क्रमांक 130/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी का फरार होने का यह पहला मामला नहीं था। वह पहले भी जिला जेल दंतेवाड़ा से फरार हो चुका था। इतना ही नहीं, शहीद महेन्द्र कर्मा अस्पताल डिमरापाल में इलाज के लिए ले जाए जाने के दौरान भी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे और उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल अमित देवांगन के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भोलासिंह राजपूत के नेतृत्व में टीम ने लगातार तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फरार बंदी नारायणपुर जिले में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां डेरा डालकर लगातार रेकी की और आखिरकार आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुनः जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भोलासिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक मौसम गुप्ता, आरक्षक माहंगु राम और कृष्ण कुमार नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।