धुंधली नजर से उजले भविष्य तक: चश्मा मिलते ही बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

बस्तर। 21जुलाई 2026/विकासखंड बस्तर के उच्च प्राथमिक शाला भुरसुण्डी में आयोजित नेत्र परीक्षण शिविर कई विद्यार्थियों के लिए नई रोशनी लेकर आया। शिविर के दौरान बच्चों की आंखों की जांच की गई, जिसमें कुछ विद्यार्थियों ने पढ़ाई करते समय धुंधला दिखाई देने और दूर लिखे शब्द स्पष्ट न दिखने की शिकायत की।

जांच के बाद जिन बच्चों की दृष्टि कमजोर पाई गई, उन्हें मौके पर ही चश्मे वितरित किए गए। चश्मा मिलते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अब उन्हें किताबों के अक्षर साफ दिखाई देने लगे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई में आने वाली परेशानियां काफी हद तक दूर हो गई हैं।

नेत्र परीक्षण के दौरान छात्र धनसाय भारती, विजय मौर्य, मनीषा और गोवर्धन कश्यप की आंखों में दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई। नेत्र सहायकों द्वारा जांच के बाद उन्हें आवश्यक चश्मे प्रदान किए गए। बच्चों ने बताया कि अब वे ब्लैकबोर्ड और पुस्तकों में लिखे शब्द आसानी से पढ़ पा रहे हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समय पर नेत्र परीक्षण से बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को रोका जा सकता है। यह शिविर बच्चों के लिए न केवल स्वास्थ्य लाभ का माध्यम बना, बल्कि उनके शैक्षणिक भविष्य को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

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