जगदलपुर, 23 जून। बस्तर जिले के नगरनार-चोकावाड़ा क्षेत्र में संचालित एक पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर और क्लीनिक पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया है। जांच के दौरान मेडिकल जांच और प्रमाणपत्र जारी करने में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, नगरनार के चोकावाड़ा में संचालित आजाद पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने पर बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर एसडीएम जगदलपुर ऋषिकेश तिवारी के नेतृत्व में राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने 22 जून को औचक निरीक्षण किया। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मरीजों के ब्लड सैंपल लेने की आड़ में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का गोरखधंधा संचालित किया जा रहा था। नियमों के विपरीत एक्स-रे, ईसीजी, नेत्र परीक्षण और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों के बिना ही मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे थे। इतना ही नहीं, सक्षम चिकित्सक के हस्ताक्षर के बिना ही प्रमाणपत्र जारी होने के प्रमाण भी मिले।
जांच टीम को ब्लड सैंपल परीक्षण में भी गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। कई सैंपलों पर समय और सैंपल नंबर अंकित नहीं थे, जबकि कुछ मामलों में बिना सैंपल लिए ही जांच रिपोर्ट तैयार किए जाने की आशंका जताई गई। निरीक्षण के दौरान मौजूद स्टाफ द्वारा डॉक्टर के स्थान पर स्वयं हस्ताक्षर किए जाने की बात भी सामने आई। जगदलपुर स्थित मुख्य लैब में जांच के दौरान भी कई अनियमितताएं पाई गईं।
प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का उल्लंघन मानते हुए कलेक्शन सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इसके बाद नगरनार में संचालित एक अन्य क्लीनिक ‘संजीवनी’ पर भी कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि वहां बीएएमएस डिग्रीधारी द्वारा एलोपैथिक दवाओं से उपचार किया जा रहा था, जबकि क्लीनिक के पास वैध लाइसेंस भी नहीं था। इसके चलते उक्त क्लीनिक को भी सील कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार लखीराम पाण्डेय, विषय विशेषज्ञ डॉ. अनुराग शर्मा, मेडिकल ऑफिसर डॉ. ऋषभ साव, क्षेत्रीय पटवारी एवं पुलिस बल मौजूद रहे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।