बस्तर के शिक्षा मॉडल ने रचा इतिहास: छात्रवृत्ति परीक्षा में 177 बच्चों का चयन, राज्य में तीसरा स्थान

जगदलपुर, 22 जून 2026। बस्तर जिले ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। बेहतर रणनीति, प्रशासनिक निगरानी और शिक्षकों की मेहनत के बल पर जिले के 177 होनहार बच्चों का चयन हुआ है। इस उपलब्धि के साथ बस्तर ने पूरे छत्तीसगढ़ में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले वर्ष जिले से केवल 2 बच्चों का चयन हुआ था, जबकि इस वर्ष यह संख्या लगभग 90 गुना बढ़कर 177 पहुंच गई है। चयनित सभी छात्र-छात्राओं को कक्षा 9वीं से 12वीं तक केंद्र सरकार की ओर से प्रतिमाह 1 हजार रुपये, यानी सालाना 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। इससे ग्रामीण और जरूरतमंद बच्चों की आगे की पढ़ाई आसान होगी।
ब्लॉक स्तर पर बकावंड ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। यहां से अकेले 130 बच्चों का चयन हुआ, जिससे बकावंड ने जिले के साथ ही पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया है। वहीं लोहंडीगुड़ा ब्लॉक से 37 बच्चों ने छात्रवृत्ति परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
इस बड़ी उपलब्धि के पीछे कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में बनाई गई विशेष कार्ययोजना अहम रही। बच्चों को परीक्षा के माहौल में ढालने के लिए असली पैटर्न पर 5 बार ओएमआर शीट आधारित मॉक टेस्ट आयोजित किए गए। हर टेस्ट में 90 मिनट की समय-सीमा का सख्ती से पालन कराया गया। अंतिम मॉक टेस्ट 22 अप्रैल को आयोजित हुआ था।
जिले के लगभग सभी हाई स्कूलों को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाया गया। शिक्षकों को पिछले पांच वर्षों के प्रश्नपत्र 10 दिनों में हल कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत बच्चों को प्रतिदिन 40 प्रश्नों का अभ्यास कराया गया। केवल उत्तर याद कराने के बजाय बच्चों को प्रश्नों के पीछे का तर्क और समाधान समझाया गया।
बकावंड, तोकापाल और लोहंडीगुड़ा ब्लॉकों में 33 से 44 स्कूलों के बच्चों को एक साथ विशेष ग्रुप ट्रेनिंग भी दी गई। इस दौरान ओपन लिंक फाउंडेशन के विनोबा ऐप से तैयार प्रश्नपत्रों का उपयोग कर बच्चों को बेहतर अभ्यास कराया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल ने बताया कि कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के विशेष दिशा-निर्देशों में बनाई गई कार्ययोजना और शिक्षा विभाग के मैदानी अमले की मेहनत का परिणाम आज सामने आया है। उन्होंने कहा कि बस्तर के शिक्षा मॉडल ने साबित कर दिया है कि सही रणनीति और निरंतर प्रयास से हर चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है।
बस्तर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी चयनित छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है।

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