2मई 2026
बीजापुर के चर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर समेत अन्य आरोपितों की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मामले की सुनवाई दंतेवाड़ा से जगदलपुर स्थानांतरित करने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने स्पष्ट कर दिया कि यह संवेदनशील मामला अब दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय में ही आगे बढ़ेगा।
मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के साथ रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके ने अदालत में तर्क दिया था कि जगदलपुर जेल से दंतेवाड़ा कोर्ट तक पेशी के दौरान लगभग 80 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसी आधार पर उन्होंने ट्रायल को जगदलपुर स्थानांतरित करने की मांग रखी थी।
हालांकि सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने आरोपितों के दावों को कमजोर बताते हुए कोर्ट को जानकारी दी कि पेशी के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है और किसी प्रकार की लाजिस्टिक समस्या नहीं है। प्रशासन ने यह भी बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा मौजूद है तथा आवश्यकता पड़ने पर आरोपितों को दंतेवाड़ा जेल में भी स्थानांतरित किया जा सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि केवल सुरक्षा आशंका का हवाला देकर न्यायिक प्रक्रिया या ट्रायल स्थल को प्रभावित नहीं किया जा सकता। अदालत ने आरोपितों की याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।
अब इस बहुचर्चित हत्याकांड में कानूनी प्रक्रिया दंतेवाड़ा में ही जारी रहेगी और सभी आरोपितों को आगामी 4 मई को जिला एवं सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा में पेश किया जाएगा। इस फैसले को मामले में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।