11मार्च2026
डबरा। ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में एचपीवी (HPV) वैक्सीन लगने के बाद पांच किशोरियों की तबीयत अचानक खराब हो गई। उल्टी और चक्कर आने की शिकायत के बाद सभी बच्चियों को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पिछोर इलाके के बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली अंजलि, पूनम, रजनी, भारती और रेखा को रविवार को एचपीवी का टीका लगाया गया था। परिजनों का आरोप है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बिना पूरी जानकारी दिए बच्चियों को टीकाकरण के लिए भेज दिया।
परिवार वालों का कहना है कि बच्चियों से यह कहकर एक फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए गए कि उन्हें 50 हजार रुपये की सहायता और भविष्य में शादी में मदद दी जाएगी। घर लौटने के बाद बच्चियों ने परिजनों को इस बारे में बताया।
मंगलवार दोपहर अचानक सभी बच्चियों को उल्टी, चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगी, जिससे घबराए परिजन उन्हें तुरंत डबरा के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चियां सुरक्षित हैं और उनकी हालत में सुधार है।
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि टीकाकरण से पहले न तो सही जानकारी दी गई और न ही अभिभावकों की सहमति ली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के लक्ष्य पूरे करने के दबाव में जल्दबाजी में टीकाकरण कराया गया।
क्या है एचपीवी टीकाकरण अभियान?
मध्य प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 से 15 साल की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन मुफ्त लगाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य लाखों बच्चियों को इस अभियान के तहत टीका लगाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करना है।