6मार्च2029
असम के कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। वायुसेना ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि करते हुए शोक व्यक्त किया है।
जानकारी के मुताबिक यह दो सीटों वाला फाइटर जेट गुरुवार शाम जोरहाट स्थित रोवरिया एयरफोर्स स्टेशन से नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर निकला था। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही शाम करीब 7:40 बजे के आसपास विमान का रडार से संपर्क टूट गया। बाद में पता चला कि विमान कार्बी आंगलोंग जिले के दुर्गम पहाड़ी और जंगलों वाले इलाके में क्रैश हो गया।
वायुसेना ने बताया कि हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद हो गए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों पायलटों के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि देश उनकी बहादुरी और सेवा को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार शाम इलाके में तेज धमाके की आवाज सुनाई दी थी। कुछ लोगों ने पहाड़ी क्षेत्र की ओर से आग का बड़ा गोला उठते भी देखा। इसके बाद लोगों को आशंका हुई कि कोई सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
पुलिस और प्रशासन की टीमों को मौके पर भेजा गया है। दुर्घटनास्थल घने जंगल और पहाड़ी इलाके में होने के कारण राहत और जांच दल को वहां तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में शामिल है। लंबी दूरी और अत्याधुनिक हथियार प्रणाली से लैस यह विमान भारत की वायु शक्ति का अहम हिस्सा माना जाता है।