बस्तर की बेटी एलिसीबा का कमाल, दिव्यांगों के लिए बनाई पन्ने पलटने वाली मशीन

इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना में राष्ट्रीय स्तर पर चयन, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानित

जगदलपुर, 11 अक्टूबर 2026। बस्तर की होनहार छात्रा एलिसीबा पोयाम ने अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार से पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उन्होंने ऐसे दिव्यांग लोगों की मदद के लिए ‘पन्ना पलटने की मशीन’ तैयार की है, जिनके हाथ नहीं हैं। इस नवाचार के जरिए वे पढ़ाई के दौरान किताबों के पन्ने पलटने में होने वाली परेशानी को दूर करना चाहती हैं। उनकी इसी प्रतिभा का चयन प्रतिष्ठित इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है।

इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शनिवार को एलिसीबा को विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विकासखंड शिक्षा अधिकारी अजय शर्मा ने भी छात्रा को बधाई देते हुए उनकी सफलता की सराहना की।

दिव्यांगों की परेशानी दूर करने की अनूठी पहल

ग्राम पथरेली उड़वा निवासी किसान भीमा पोयाम की बेटी एलिसीबा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माउलीभाटा में अध्ययनरत हैं। उन्होंने अपने नवाचार के माध्यम से उन लोगों की जरूरत को समझने का प्रयास किया, जो हाथ नहीं होने के कारण किताबों के पन्ने स्वयं नहीं पलट पाते। उनकी बनाई मशीन ऐसे लोगों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करने की सोच पर आधारित है।

बस्तर की प्रतिभा को मिला राष्ट्रीय मंच

एलिसीबा की उपलब्धि पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने उनके शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र विशेष की मोहताज नहीं होती। बस्तर जैसे सुदूर वनांचल से निकलकर किसी छात्रा का राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

एलिसीबा की यह उपलब्धि बताती है कि विज्ञान का उद्देश्य केवल नई चीजें बनाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को आसान बनाना भी है। उनकी पहल से बस्तर के विद्यार्थियों को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

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