बस्तर में बाढ़ पीड़ितों को 25.72 करोड़ की राहत, 8,197 मामलों में मिली आर्थिक सहायता

मकानों की क्षति के लिए 24.81 करोड़ रुपये का भुगतान, मृतकों के परिजनों और पशुहानि व घरेलू सामग्री के नुकसान से प्रभावितों को भी मिली मदद

जगदलपुर, 10 अक्टूबर 2026। बस्तर जिले में सितंबर माह में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता वितरित की जा रही है। 9 अक्टूबर 2026 तक कुल 8,197 प्रकरणों में 25 करोड़ 72 लाख 98 हजार 860 रुपये की सहायता राशि प्रभावितों के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। कमिश्नर डोमन सिंह के मार्गदर्शन और कलेक्टर आकाश छिकारा के प्रयासों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से 23 से 26 सितंबर तक हुई भारी बारिश और ओडिशा स्थित खातीगुड़ा व मुरान बांध के गेट खोले जाने के कारण बस्तर जिले में बाढ़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इससे बड़ी संख्या में मकानों और घरेलू सामग्री को नुकसान पहुंचा था। आपदा के बाद राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की टीमें क्षति का सर्वेक्षण कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

मकानों की क्षति के लिए 24.81 करोड़ रुपये वितरित

जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ से क्षतिग्रस्त 4,946 मकानों के लिए अब तक 24 करोड़ 81 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। इनमें पूरी तरह क्षतिग्रस्त 1,823 मकानों के लिए 23 करोड़ 34 लाख रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 3,123 मकानों के लिए एक करोड़ 47 लाख 66 हजार रुपये की सहायता शामिल है।

बाढ़ आपदा में जान गंवाने वाले दो व्यक्तियों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की दर से कुल आठ लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई है। वहीं, पांच पशुहानि के मामलों में एक लाख 71 हजार रुपये और सात मामलों में फसल नुकसान के लिए 69 हजार 360 रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

घरेलू सामग्री के नुकसान पर भी सहायता

बाढ़ से प्रभावित 3,237 लोगों को बर्तन और घरेलू सामग्री के नुकसान की भरपाई के लिए 80 लाख 92 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इस तरह विभिन्न श्रेणियों में अब तक 8,197 प्रकरणों के तहत कुल 25 करोड़ 72 लाख 98 हजार 860 रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

घरों की मरम्मत के लिए बांस-बल्ली भी उपलब्ध

आर्थिक सहायता के साथ-साथ क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए वन विभाग के माध्यम से प्रभावित परिवारों को निःशुल्क बांस और बल्ली उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे परिवारों को अपने घरों की मरम्मत कर तत्काल राहत पाने में मदद मिल रही है।

कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा है कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने और उनके पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अंतिम प्रभावित व्यक्ति तक राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

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