राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 अक्टूबर को आएंगी जगदलपुर, बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में होंगी शामिल

जगदलपुर, 29 सितंबर 2026। बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक बस्तर दशहरा इस वर्ष एक विशेष अवसर का साक्षी बनेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति 23 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर पहुंचकर बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण आयोजन मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

राष्ट्रपति को बस्तर दशहरा में शामिल होने का निमंत्रण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ओर से दिया गया था। निमंत्रण सौंपे जाने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप तथा संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव मौजूद रहे।

बस्तर की परंपराओं से जुड़ा है मुरिया दरबार

बस्तर दशहरा मां दंतेश्वरी को समर्पित है और इसकी परंपराएं बस्तर के जनजातीय जीवन, लोक आस्था, कला और सामुदायिक व्यवस्था से गहराई से जुड़ी हुई हैं। इसी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मुरिया दरबार है।

मुरिया दरबार बस्तर की सामाजिक एवं सामुदायिक व्यवस्था की जीवंत अभिव्यक्ति माना जाता है। यहां पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद की परंपरा आगे बढ़ती है। बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था में मांझी और चालकी जैसे पदों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर सामने आएगी बस्तर की सांस्कृतिक विरासत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मुरिया दरबार में उपस्थिति बस्तर की जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक विरासत के लिए विशेष अवसर होगी। इससे बस्तर दशहरा की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलने का अवसर भी बनेगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु फरवरी 2026 में जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम में भी शामिल हुई थीं। उस अवसर पर उन्होंने बस्तर की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

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