22 साल की शानदार सैन्य सेवा के बाद ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने लिया प्रीमेच्योर रिटायरमेंट, अब Fly91 में संभालेंगे कमर्शियल विमान की कमान
नई दिल्ली। 3सितंबर 2026/भारतीय वायुसेना के जांबाज फाइटर पायलट ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने अपने करियर में एक नई पारी शुरू करने की तैयारी कर ली है। 2019 में पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान को मिग-21 बाइसन से मार गिराने के बाद पूरी दुनिया में चर्चा में आए अभिनंदन अब जल्द ही आसमान में एक अलग भूमिका में नजर आएंगे। करीब 22 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवाएं देने के बाद उन्होंने इस साल मार्च में प्रीमेच्योर रिटायरमेंट ले लिया है।
रिटायरमेंट के बाद अभिनंदन अब क्षेत्रीय विमानन कंपनी Fly91 के साथ कमर्शियल पायलट के रूप में अपनी नई शुरुआत करने जा रहे हैं। यानी जिस पायलट ने युद्ध के मैदान में फाइटर जेट उड़ाकर देश का नाम रोशन किया, अब वही यात्रियों से भरे कमर्शियल विमान को देश के अलग-अलग शहरों के बीच उड़ाते दिखाई दे सकते हैं।
2019 की वह लड़ाई, जिसने अभिनंदन को बना दिया देश का चेहरा
अभिनंदन वर्धमान का नाम 27 फरवरी 2019 को भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के बाद पूरी दुनिया में सुर्खियों में आया था। उस समय वह भारतीय वायुसेना की 51 स्क्वाड्रन में विंग कमांडर के तौर पर तैनात थे।
पाकिस्तान की ओर से आए लड़ाकू विमानों को रोकने के लिए भारतीय वायुसेना ने कार्रवाई की। इसी दौरान अभिनंदन ने अपने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के F-16 का पीछा किया और उसे निशाना बनाया। भारतीय पक्ष के अनुसार इस हवाई मुठभेड़ में उन्होंने पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया।
हालांकि इस कार्रवाई के दौरान अभिनंदन का मिग-21 भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान से बाहर निकलने के बाद वह पैराशूट के जरिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के इलाके में जा गिरे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
भारत की कूटनीतिक और सैन्य दबाव वाली कार्रवाई के बीच पाकिस्तान को अभिनंदन को रिहा करना पड़ा। कुछ समय बाद वह भारत लौट आए। उनकी वापसी देश में एक बड़ी खबर बनी और उनके साहस की जमकर सराहना हुई।
गिरफ्तारी के बाद भी नहीं छोड़ा फाइटर पायलट का जुनून
पाकिस्तान से लौटने के बाद अभिनंदन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मई 2019 में उन्हें राजस्थान के सूरतगढ़ एयरबेस पर तैनात किया गया। बाद में उन्होंने दोबारा मिग-21 उड़ाना शुरू किया।
उनकी पेशेवर क्षमता और सेवा को देखते हुए नवंबर 2021 में उन्हें विंग कमांडर के पद से पदोन्नत कर ग्रुप कैप्टन बनाया गया। इस तरह 2019 के बेहद चुनौतीपूर्ण घटनाक्रम के बावजूद उनका सैन्य विमानन करियर आगे बढ़ता रहा।
वीर चक्र से भी हुए सम्मानित
अभिनंदन वर्धमान को 2019 के हवाई संघर्ष में उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के महत्वपूर्ण सैन्य सम्मानों में शामिल वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी कहानी भारतीय वायुसेना के साहस, प्रशिक्षण और पेशेवर क्षमता के उदाहरण के तौर पर देखी जाती है।
मार्च 2026 में लिया एयरफोर्स से रिटायरमेंट
करीब दो दशक से अधिक समय तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद अभिनंदन ने मार्च 2026 में प्रीमेच्योर रिटायरमेंट का फैसला लिया। इसके साथ ही उनका फाइटर पायलट के तौर पर सैन्य करियर समाप्त हुआ।
हालांकि विमानन से उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ। अब वह उसी अनुभव को नागरिक उड्डयन क्षेत्र में इस्तेमाल करने जा रहे हैं।
Fly91 के साथ शुरू होगी नई पारी
अभिनंदन अब क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 से जुड़ने की तैयारी में हैं। कंपनी की ओर से भी उनके जुड़ने की पुष्टि की गई है। इसके बाद वह कमर्शियल विमान उड़ाते नजर आ सकते हैं।
Fly91 का नेटवर्क मुख्य रूप से क्षेत्रीय शहरों को जोड़ने पर केंद्रित है। कंपनी गोवा, कोच्चि, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, हुबली, अगत्ती और लक्षद्वीप समेत कई शहरों के बीच सेवाएं संचालित करती है।
ऐसे में आने वाले समय में यात्रियों के लिए यह बेहद खास अनुभव हो सकता है कि जिस विमान की कमान कभी भारतीय वायुसेना के फाइटर पायलट अभिनंदन वर्धमान जैसे अनुभवी सैन्य एविएटर के हाथ में रही हो, उसमें सफर करने का मौका मिले।
युद्ध के फाइटर जेट से यात्री विमान तक का सफर
अभिनंदन वर्धमान की नई पारी इसलिए भी खास है क्योंकि सैन्य विमान और कमर्शियल विमान उड़ाने की जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं। एक ओर फाइटर पायलट को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तेज निर्णय लेने और युद्ध संबंधी अभियानों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, वहीं कमर्शियल एविएशन में यात्रियों की सुरक्षा, निर्धारित प्रक्रियाओं और सटीक संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
अभिनंदन का लंबा सैन्य विमानन अनुभव निश्चित रूप से उनके नए करियर की महत्वपूर्ण पूंजी होगा।
एक पायलट, दो अलग आसमान
2019 में मिग-21 के कॉकपिट से पाकिस्तान के खिलाफ हवाई मुकाबले में देश का नाम रोशन करने वाले अभिनंदन अब यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनकी कहानी का यह नया अध्याय बताता है कि एक फाइटर पायलट का सफर सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं होता। सैन्य सेवा के बाद भी उनका अनुभव और कौशल विमानन क्षेत्र में नई भूमिका निभा सकता है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान कब पहली बार Fly91 के कमर्शियल विमान की कमान संभालते हैं और उनकी नई उड़ान किस रूट से शुरू होती है।