पांच लाख रुपये और बाइक की मांग बनी पत्नी की मौत की वजह, शव रेलवे ट्रैक पर फेंकने वाले पति को 7 साल की सजा

पटना: 3सितंबर 2026/दहेज की मांग को लेकर पत्नी की हत्या करने और हत्या के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर साक्ष्य मिटाने के मामले में पटना की सत्र अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र के रहने वाले रवि शंकर पंडित को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोप

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मीना कुमारी की शादी वर्ष 2019 में रवि शंकर पंडित के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे भी हुए। आरोप है कि वैवाहिक जीवन के दौरान ही मीना से दहेज के रूप में पांच लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी।

परिजनों और अभियोजन के अनुसार, मांग पूरी नहीं होने पर मीना को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मामला बाद में इतना गंभीर हो गया कि वर्ष 2024 में उसकी हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद रेलवे लाइन पर फेंका शव

अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने से नाराज पति ने मीना कुमारी की हत्या कर दी। हत्या के बाद मामले को दुर्घटना का रूप देने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया।

घटना सामने आने के बाद इस मामले में बिहारशरीफ रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस की जांच के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में कई साक्ष्य पेश किए।

15 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए गए। अपर लोक अभियोजक दिलीप कुमार राय ने अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को अदालत के सामने रखा।

गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रवि शंकर पंडित को दहेज हत्या तथा साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास से जुड़े आरोपों में दोषी माना।

कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सहाय की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोषी रवि शंकर पंडित को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने 5 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।

अदालत के फैसले के बाद अब दोषी को निर्धारित सजा भुगतनी होगी। जुर्माना नहीं देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।

दहेज के लिए प्रताड़ना से हत्या तक पहुंचा मामला

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि शादी के बाद दहेज की मांग किस तरह महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। मीना कुमारी की शादी के कुछ वर्षों बाद कथित तौर पर दहेज की मांग को लेकर विवाद बढ़ा और मामला उसकी हत्या तक पहुंच गया। हत्या के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकने का आरोप इस मामले को और गंभीर बनाता है।

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