चंबा (हिमाचल प्रदेश), 24 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से मानवता और साहस की मिसाल पेश करने वाला एक भावुक मामला सामने आया है। यहां भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में एक सात माह के बच्चे को उपचार के लिए एम्बुलेंस तक पहुंचाना था, लेकिन रास्ते में लगातार पहाड़ से पत्थर लुढ़क रहे थे। हालात इतने खतरनाक थे कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था।
ऐसे जोखिम भरे माहौल में एम्बुलेंस स्टाफ ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चे को गोद में उठाया और तेजी से लैंडस्लाइड वाले हिस्से को पार कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस दौरान पहाड़ से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा, जिससे एम्बुलेंस कर्मियों और बच्चे दोनों की जान को खतरा बना हुआ था।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग एम्बुलेंस कर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता की भावना की सराहना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बच्चे को सुरक्षित नहीं पहुंचाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा और संकट की घड़ी में स्वास्थ्यकर्मी और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए हर जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं। एम्बुलेंस स्टाफ की यह बहादुरी लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गई है।