अलनीनो का खतरा, प्रशासन अलर्ट: बस्तर में हर किसान को फसल बीमा से जोड़ने के निर्देश

जगदलपुर, 24 जून 2026। खरीफ सीजन 2026 में मौसम की अनिश्चितताओं और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने फसल बीमा अभियान को तेज करने का फैसला लिया है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले के सभी पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा है कि किसी भी किसान को इस सुरक्षा कवच से वंचित नहीं रहना चाहिए।

मंगलवार को कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष अलनीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण सामान्य से अलग वर्षा होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में किसानों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए फसल बीमा योजना उनके लिए आर्थिक सुरक्षा का सबसे मजबूत माध्यम साबित होगी।

कलेक्टर ने कृषि विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिसूचित फसलों की शत-प्रतिशत बीमा कवरेज सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को योजना के लाभों की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान समय सीमा के भीतर बीमा करा सकें।

बैठक में फसल बीमा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने खरीफ वर्ष 2025 के लंबित फसल कटाई प्रयोगों के आंकड़ों को तत्काल ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सही और समयबद्ध आंकड़े ही किसानों को उचित मुआवजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस बार फसल नुकसान के आकलन में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीफ सीजन 2026 में होने वाले सभी क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) केवल सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से ही किए जाएं। इससे फसल उत्पादन और नुकसान का आंकलन अधिक सटीक होगा तथा किसानों को दावा भुगतान में अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

प्रशासन का मानना है कि डिजिटल माध्यम से फसल कटाई प्रयोग किए जाने से पारदर्शिता बढ़ेगी, त्रुटियों की संभावना कम होगी और नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा दावा राशि जल्द मिल सकेगी।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, कीट प्रकोप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। ऐसे में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए इस वर्ष योजना का महत्व और भी बढ़ गया है।

कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता किसानों की आय और फसल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में फसल बीमा अभियान को सफल बनाना होगा, ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

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