विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा में NEET परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा का सपना उस समय टूट गया, जब रास्ते में पिता की बाइक पंक्चर हो गई। देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचने के कारण छात्रा को प्रवेश नहीं मिला और उसकी परीक्षा छूट गई। बेटी की मेहनत और एक साल की तैयारी को यूं बर्बाद होता देख पिता परीक्षा केंद्र के बाहर फूट-फूटकर रो पड़े।
जानकारी के अनुसार, विदिशा के गर्ल्स कॉलेज में NEET परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। छात्रा रागिनी विश्वकर्मा अपने पिता के साथ बाइक से परीक्षा देने के लिए निकली थी। परिजन समय से घर से निकल गए थे, लेकिन रास्ते में बाइक पंक्चर हो गई। इसी बीच बारिश भी शुरू हो गई, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्र पहुंचने में करीब एक घंटे की देरी हो गई।
परीक्षा केंद्र पहुंचने पर रागिनी को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। लोगों ने छात्रा को परीक्षा देने देने की अपील भी की, जिसके बाद उसे अंदर ले जाया गया। हालांकि, बायोमेट्रिक मिलान नहीं होने के कारण उसे परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।
बेटी की परीक्षा छूटने के बाद पिता केंद्र के बाहर बैठकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि वे सुबह 10 बजे ही घर से निकल गए थे, लेकिन बाइक पंक्चर होने से काफी समय बर्बाद हो गया। पिता का कहना था कि उन्होंने अधिकारियों से बहुत विनती की, लेकिन उनकी बेटी को परीक्षा देने का मौका नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि इसी केंद्र पर तीन छात्र परीक्षा से वंचित रह गए। एक छात्रा पुराना प्रवेश पत्र लेकर पहुंची थी, जबकि दूसरी छात्रा बायोमेट्रिक मिलान नहीं होने के कारण परीक्षा नहीं दे सकी।
एक बाइक के पंक्चर ने छात्रा की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया और परीक्षा केंद्र के बाहर पिता की आंखों से बहते आंसुओं ने हर किसी को भावुक कर दिया।