30मई 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 28मई को स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में एक शव का पोस्टमार्टम मॉर्चुरी के भीतर नहीं, बल्कि खुले आसमान के नीचे कर दिया गया। इस दौरान आसपास लोगों की आवाजाही जारी रही और कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखते रहे।
जानकारी के अनुसार एक अज्ञात शव को अस्पताल लाया गया था, जो काफी हद तक सड़ चुका था। शव को मॉर्चुरी के बाहर एक स्ट्रेचर पर रखा गया और वहीं पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शव का सिर खोलने से लेकर अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाएं खुले में की गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया, जो बाद में चर्चा का विषय बन गया।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि पोस्टमार्टम के दौरान न तो पर्याप्त पर्दे की व्यवस्था थी और न ही गोपनीयता बनाए रखने के लिए कोई ठोस इंतजाम दिखाई दिया। अस्पताल परिसर में आने-जाने वाले लोग इस दृश्य को देखते रहे। कुछ समय बाद शव से उठ रही दुर्गंध के कारण लोग वहां से दूर हटने लगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमार्टम एक संवेदनशील और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे निर्धारित मानकों और सुरक्षित वातावरण में किया जाना चाहिए। खुले स्थान पर इस तरह की कार्रवाई न केवल चिकित्सा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े करती है, बल्कि मृतक की गरिमा और मानवीय संवेदनाओं को भी ठेस पहुंचाती है।
घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की लापरवाही हो सकती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।