बस्तर जिले में 72,133 सदस्यों का सत्यापन लंबित, प्रशासन ने निगरानी के लिए नियुक्त किए नोडल अधिकारी
जगदलपुर, 20 अक्टूबर 2026। राशनकार्ड में दर्ज सदस्यों के लिए ई-केवायसी कराने का अब अंतिम मौका है। बस्तर जिले में 30 अक्टूबर 2026 तक सभी शेष सदस्यों का ई-केवायसी सत्यापन पूरा करना अनिवार्य किया गया है। निर्धारित समय-सीमा तक सत्यापन नहीं कराने वाले सदस्यों के नाम राशनकार्ड डेटाबेस से हटाए जा सकते हैं। ऐसे में राशनकार्ड हितग्राहियों को समय रहते ई-केवायसी कराने की जरूरत है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर के निर्देश पर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिले में ई-केवायसी अभियान तेज किया गया है। छत्तीसगढ़ राशनकार्ड नियम, 2016 के तहत स्थानीय निकायों के निर्धारित प्राधिकारियों और सत्यापन अधिकारियों के माध्यम से सदस्यों का सत्यापन कराया जा रहा है।
जिले में 72 हजार से अधिक सदस्यों का सत्यापन बाकी
जिले के विभिन्न विकासखंडों और नगरीय निकायों में कुल 72,133 सदस्यों का ई-केवायसी सत्यापन अभी लंबित है। इनमें सबसे अधिक सदस्य बकावंड, बस्तर जनपद और जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र में हैं।
विकासखंड एवं निकायवार लंबित सत्यापन की स्थिति इस प्रकार है—
- बकावंड — 14,492 सदस्य
- बस्तर जनपद — 13,734 सदस्य
- जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र — 13,052 सदस्य
- जगदलपुर ग्रामीण — 9,413 सदस्य
- लोहंडीगुड़ा — 6,266 सदस्य
- तोकापाल — 5,844 सदस्य
- दरभा — 4,202 सदस्य
- बास्तानार — 4,196 सदस्य
- नगर पंचायत बस्तर — 934 सदस्य
निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
ई-केवायसी अभियान को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के लिए विकासखंड और नगरीय निकायवार नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संबंधित अधिकारियों को अपने प्रभार क्षेत्र में उपस्थित रहकर अभियान की निगरानी करने और सत्यापन कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। समय-सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें पालन प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करना होगा।
30 अक्टूबर से पहले कराएं सत्यापन
जिला प्रशासन ने राशनकार्ड हितग्राहियों से अपील की है कि वे नाम कटने और भविष्य में राशन प्राप्त करने में होने वाली परेशानी से बचने के लिए 30 अक्टूबर से पहले अपने संबंधित उचित मूल्य दुकान या निर्धारित केंद्र पर जाकर ई-केवायसी सत्यापन अवश्य करा लें।