जगदलपुर, 17 अक्टूबर 2026। बिजली बिल में गड़बड़ी, खराब मीटर या विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उपभोक्ताओं को अब शिकायत की प्रक्रिया और अपने अधिकारों की जानकारी मिलेगी। इसी उद्देश्य से जगदलपुर के कुम्हरावण्ड स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के ऑडिटोरियम में शुक्रवार को विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष निराकरण की प्रक्रिया समझाई गई।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष विवेक गनोदवाले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्युत लोकपाल एसके सोनी, विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम जगदलपुर क्षेत्र के अध्यक्ष पीआर साहू और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अंकिता कश्यप भी उपस्थित रहीं।
तीन स्तरों पर कर सकते हैं शिकायत
कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उपभोक्ता सबसे पहले संबंधित कनिष्ठ अभियंता से संपर्क कर सकते हैं। निर्धारित समय-सीमा में समस्या का निराकरण नहीं होने पर सहायक अभियंता और इसके बाद कार्यपालन अभियंता के समक्ष शिकायत रखी जा सकती है। इन स्तरों पर भी समाधान नहीं मिलने पर उपभोक्ता विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम और नियमानुसार राज्य विद्युत नियामक आयोग का रुख कर सकते हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होने की स्थिति में नियमों के तहत क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना और शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
लोक अदालत से भी मिल सकता है त्वरित समाधान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अंकिता कश्यप ने बिजली संबंधी विवादों के निपटारे में लोक अदालत और विधिक मध्यस्थता की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराने के लिए उपभोक्ता लोक अदालत की सहायता ले सकते हैं। इस प्रक्रिया से लंबे न्यायालयीन विवादों से बचने और मामलों का शीघ्र निराकरण करने में मदद मिल सकती है।
अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों की भी दी जानकारी
कार्यशाला में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया गया। समय पर बिजली बिल का भुगतान करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें नागरिकों ने बिजली संबंधी समस्याओं और शिकायतों की प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। विभागीय अधिकारियों ने उनकी शंकाओं का समाधान किया।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता, क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक तथा विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।