राजनांदगांव, 14 अक्टूबर 2026। डोंगरगढ़ स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में क्वांर नवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। 11 से 20 अक्टूबर तक आयोजित नवरात्रि मेले में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने नवरात्रि मेले की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन, रेलवे, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, विद्युत, नगरीय निकाय और परिवहन विभाग सहित सेवाभावी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा। मेले के दौरान प्रतिदिन लगभग 50 हजार से एक लाख श्रद्धालुओं के डोंगरगढ़ पहुंचने की संभावना है।
पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
अंजोरा से डोंगरगढ़ तक पदयात्री मार्गों पर पर्याप्त रोशनी, संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्ग की ओर से आने वाले पदयात्री अंजोरा से सड़क के दाईं ओर चलेंगे। भारी वाहनों के लिए सोमनी थाना की ओर से वन-वे व्यवस्था लागू करने और अमलीडीह से ढारा रोड पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और परिवहन विभाग को पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने के साथ ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने को कहा गया है। मेला स्थल और प्रज्ञागिरी मैदान सहित निर्धारित पार्किंग स्थलों पर सुव्यवस्थित पार्किंग तथा निर्धारित किराया दरों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाएं, एंबुलेंस और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मंदिर के ऊपर, मध्य और नीचे स्थित क्षेत्रों सहित पदयात्री मार्गों पर स्वास्थ्य सहायता केंद्रों में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयां, ग्लूकोज, ओआरएस और प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ डोंगरगढ़ अस्पताल एवं जिला चिकित्सालय में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
मेला परिसर और सेवा पंडालों में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टैंकर और पानी की टंकियों की व्यवस्था की जाएगी। पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मेला परिसर और आसपास बने करीब 164 शौचालयों को चालू स्थिति में रखने तथा नियमित साफ-सफाई पर जोर दिया गया है।
सेवा पंडालों में भोजन और विश्राम की सुविधा
पदयात्री मार्गों पर सेवाभावी संस्थाओं की ओर से लगाए जाने वाले सेवा पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, विश्राम, प्राथमिक उपचार और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम, नगर पालिका परिषद और ग्राम पंचायतों को नियमित सफाई, कचरा संग्रहण और निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक थैली मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और महिला स्वसहायता समूहों को कपड़े के बैग निर्माण एवं विक्रय से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
सीसीटीवी निगरानी से लेकर रेलवे व्यवस्था तक पर नजर
मंदिर परिसर, मेला मैदान, रेलवे स्टेशन, पार्किंग स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, जनरेटर और तकनीकी कर्मचारियों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
रेलवे विभाग को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रेनों के ठहराव, अतिरिक्त टिकट काउंटर, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सुबह 7 से रात 11 बजे तक होगा रोप-वे का संचालन
रोप-वे के सुरक्षित संचालन के लिए नियमित मरम्मत, रखरखाव और फिटनेस प्रमाण-पत्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रोप-वे का संचालन सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक निर्धारित किया गया है। दिव्यांगजनों और 50 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं को टिकट वितरण में प्राथमिकता देने को कहा गया है।
इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, प्रसाद विक्रय केंद्रों और भोजनालयों में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाएगी। दूषित खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब की बिक्री रोकने तथा झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
नवरात्रि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन का जोर सुरक्षित दर्शन, सुचारू यातायात और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है।