मातृत्व के खास पल में प्रिया को मिला ₹20 हजार का सहारा, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी संबल

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। मां और नवजात शिशु की देखभाल के लिए छत्तीसगढ़ शासन की मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा की रहने वाली प्रिया कश्यप को भी इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि मिली है। इससे उन्हें प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य, पोषण और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है।

प्रसव के बाद की जरूरतें पूरी करने में मिली मदद

मातृत्व के दौरान मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। प्रसव के बाद पौष्टिक आहार, दवाइयों और शिशु की आवश्यकताओं पर होने वाले खर्च से परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। ऐसे समय में योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की सहायता प्रिया और उनके परिवार के लिए राहत लेकर आई। इससे उन्हें अपनी और नवजात शिशु की देखभाल पर ध्यान देने में सहयोग मिला।

पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मिलती है सहायता

छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है, ताकि प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सके।

प्रिया कश्यप ने आर्थिक सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई कहानी

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई प्रिया कश्यप की कहानी बताती है कि समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता मातृत्व के महत्वपूर्ण दौर में श्रमिक परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहयोग देकर मां और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल में मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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