जगदलपुर में वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में निकली बाइक रैली, सेवा संकल्प अभियान में विकास और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
जगदलपुर, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को वर्चुअल माध्यम से सुना। इस दौरान वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा बस्तर में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के संकल्प के साथ ही विकसित भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बस्तर ने लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती का सामना किया है और अब क्षेत्र में विकास एवं सकारात्मक बदलाव का वातावरण तैयार हो रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए इनके माध्यम से लोगों को मिल रहे लाभ की जानकारी दी।
बस्तर ओलंपिक में 10 लाख पंजीयन का लक्ष्य
मंत्री ने युवाओं और खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 3 लाख 91 हजार से अधिक युवाओं ने इसमें भाग लिया था, जबकि इस वर्ष 10 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पंच, सरपंच, पार्षद सहित जनप्रतिनिधियों से भी युवाओं को प्रोत्साहित करने की अपील की।
सैकड़ों बाइक के साथ निकली सेवा ज्योति यात्रा
कार्यक्रम के बाद वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में क्रीड़ा परिसर से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत बाइक रैली निकाली गई। रैली में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और ग्रामीण शामिल हुए।
सैकड़ों दोपहिया वाहनों का काफिला क्रीड़ा परिसर से निकलकर यूनिवर्सिटी चौक, अनुपमा चौक, अग्रसेन चौक और मिताली चौक होते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इसके बाद रैली शहीद पार्क पहुंची, जहां बाइक रैली पदयात्रा में बदल गई। यहां से सभी लोग शहीदों को नमन करते हुए माड़िया चौक की ओर आगे बढ़े।
माड़िया चौक का नाम अब ‘विकसित भारत चौक’
माड़िया चौक पहुंचने के बाद चौक का औपचारिक नामकरण ‘विकसित भारत चौक’ किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने देश की प्रगति और विकास में योगदान देने का संकल्प लिया। सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के संदेश के साथ संपन्न हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही।