जगदलपुर, 5 अक्टूबर 2026। बस्तर पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए साइबर जागृति अभियान का समापन किया गया। अभियान के दौरान पुलिस ने स्कूल, कॉलेज, संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और ग्राम चौपालों तक पहुंचकर करीब 2 लाख 29 हजार लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया।
अभियान के तहत नागरिकों को OTP, PIN, CVV और UPI PIN जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और संदिग्ध APK या एप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई। साथ ही डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी को लेकर भी लोगों को सतर्क किया गया।
Project ReConnect से मिली खोए मोबाइल की सौगात
बस्तर पुलिस के साइबर विभाग ने अभियान के दौरान “Project ReConnect” पहल के तहत तकनीकी माध्यमों से गुम हुए मोबाइल फोन की पहचान और बरामदगी की। इस पहल के तहत करीब 25 लाख रुपये मूल्य के 151 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे गए।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा और सिटी एसपी सुमित कुमार धोत्रे ने लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन सुपुर्द किए। लंबे समय बाद अपना खोया मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी नजर आई।
समापन कार्यक्रम में नागरिकों को “साइबर सुरक्षा संकल्प” भी दिलाया गया। बस्तर पुलिस ने कहा कि अभियान भले ही समाप्त हो गया है, लेकिन साइबर जागरूकता लगातार जरूरी है। पुलिस ने लोगों से स्वयं सतर्क रहने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
बस्तर पुलिस का संदेश है— “साइबर अपराध के खिलाफ जागरूक बस्तर, सुरक्षित बस्तर।”