बीजापुर, 03 अक्टूबर 2026। साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीजापुर जिले में 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए सात सप्ताह के ‘साइबर जागृति अभियान’ का समापन हुआ। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 6,321 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अलग-अलग वर्गों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।
अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग लक्षित वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों और युवाओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों से जुड़े लोगों को ऑनलाइन बैंकिंग, ओटीपी और यूपीआई धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी गई। वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक किया गया।
महिलाओं, छात्राओं, स्व-सहायता समूहों, श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के युवाओं के लिए भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं शासकीय संस्थानों, स्थानीय निकायों और अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क किया गया। अंतिम सप्ताह में ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में ‘साइबर ग्राम चौपाल’ एवं संकल्प अभियान के माध्यम से आमजन तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
अभियान के दौरान ओटीपी/यूपीआई फ्रॉड, फर्जी केवाईसी, ऑनलाइन निवेश ठगी, लोन फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी पुरस्कार और नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से बचाव के तरीके बताए गए।
भैरमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वनमंत्री केदार कश्यप ने साइबर जागरूकता अभियान के संबंध में जानकारी साझा करते हुए आमजन से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आगे भी जागरूकता अभियान जारी रखने की बात कही। साथ ही लोगों से छत्तीसगढ़ पुलिस और बीजापुर पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़कर जागरूकता कार्यक्रमों एवं महत्वपूर्ण जानकारियों से अपडेट रहने की अपील की गई।
पुलिस ने आमजन से अपील की कि ओटीपी, पिन, सीवीवी, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन लेन-देन से बचें।
साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई। जिला पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसके साथ ही नशा मुक्ति, यातायात नियम, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा कानूनी अधिकारों को लेकर भी लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।