युद्ध अभ्यास में दिखी ‘स्काईस्ट्राइकर’ की ताकत, ड्रोन ने सटीक निशाना साधकर बढ़ाई भारत-अमेरिका की सैन्य क्षमता

राजस्थान 26 सितम्बर 2026/भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ में आधुनिक युद्ध तकनीक का प्रदर्शन देखने को मिला। राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने इजराइल में डिजाइन और भारत में निर्मित ‘स्काईस्ट्राइकर’ लोइटरिंग म्यूनिशन का प्रदर्शन किया।

विद्युत ऊर्जा से संचालित यह ड्रोन करीब 100 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखता है और इसमें 5 से 10 किलोग्राम तक का वारहेड लगाया जा सकता है। अभ्यास के दौरान स्काईस्ट्राइकर ने निर्धारित लक्ष्य को खोजने, ट्रैक करने और उस पर सटीक प्रहार करने की क्षमता का प्रदर्शन किया।

बताया गया कि सैनिकों ने लैपटॉप आधारित नियंत्रण प्रणाली के जरिए ड्रोन का संचालन किया। अभ्यास में स्काईस्ट्राइकर के साथ पिनाका रॉकेट सिस्टम और एम777 हॉवित्जर जैसी अन्य सैन्य प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया गया। इससे संयुक्त अभियानों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को प्रदर्शित किया गया।

यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब आधुनिक युद्ध में ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। स्काईस्ट्राइकर का इस्तेमाल 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। ‘युद्ध अभ्यास’ के जरिए भारत और अमेरिका की सेनाएं बहु-क्षेत्रीय अभियानों में आपसी समन्वय और परिचालन क्षमता को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।

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