रायपुर, 9 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित केंद्रीय जेल अब अपनी मशहूर मुंगौड़ी, समोसा और जलेबी के साथ एक नई पहल के लिए चर्चा में है। जेल प्रशासन जल्द ही कैदियों के हाथों से तैयार भोजन का फूड पैकेट आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने जा रहा है। इस खास फूड पैकेट का नाम ‘जेल की रोटी’ रखा गया है।
शुरुआत में रोजाना 30 फूड पैकेट बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। एक पैकेट की कीमत 275 रुपये निर्धारित की गई है। फूड पैकेट के लिए लोगों को रायपुर केंद्रीय जेल स्थित आस्था कैंटीन एवं कैफे सेंटर में बुकिंग करानी होगी। तय समय पर ग्राहक को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
कैदियों के पुनर्वास पर खर्च होगी आय
जेल प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं है। फूड पैकेट की बिक्री से होने वाली आय को कैदियों के कल्याण और पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों पर खर्च किया जाएगा। इससे कैदियों को काम के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा।
मुंगौड़ी के बाद अब ‘जेल की रोटी’
रायपुर केंद्रीय जेल की आस्था कैंटीन में पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से कैदियों द्वारा तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थ लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। यहां की मुंगौड़ी, जलेबी, समोसा और मिक्चर खरीदने के लिए लोग पहुंचते हैं। अब इसी कड़ी में ‘जेल की रोटी’ को भी शामिल किया जा रहा है।
जेल अधीक्षक योगेश क्षत्री के मुताबिक, इस पहल के जरिए कैदियों के पुनर्वास को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।