रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है। नवरात्रि जैसे पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री सोमवार को राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को सहायता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। इससे महिलाएं अपनी जरूरतों के संबंध में स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है।
गुजरात से निकला गरबा बना सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से निकला ऐसा उत्सव है, जो आज पूरे देश में लोकप्रिय है। यह मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम होने के साथ भारत की विविधता में एकता का भी प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी और आर्थिक आत्मनिर्भरता से परिवार के साथ पूरा समाज मजबूत होता है।
देवी शक्तिपीठों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है और यहां मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया तथा मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी स्थलों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
बस्तर में विकास और शांति का नया दौर: केदार कश्यप
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में जहां पहले बारूद और बम के धमाकों की आवाज सुनाई देती थी, वहां अब खुशहाली के मांदर की थाप गूंज रही है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को मिल रही नई पहचान को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
कई गरबा आयोजनों में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति और सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे हुकुम ललित महल में आयोजित ‘रास गरबा विथ भजन डांडिया’, रामबाग के रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में आयोजित ‘सोरठी रंग रंगीलो’ तथा शंकर नगर के बीटीआई मैदान में आयोजित ‘संकल्प गरबा’ उत्सव में शामिल हुए।
इन आयोजनों में पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच लोगों ने उत्साह के साथ नवरात्रि का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समितियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उत्सव सामाजिक समरसता को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, आयोजन समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।