‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत नोनबिर्री और दादरकला में निर्माण पूरा, प्रदेश में 6,671 शौचालय बनाने का लक्ष्य
रायपुर, 11 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्र के अवसर पर छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बेटियों की स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में पहल की गई है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत पाली विकासखंड की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दादरकला में बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में छात्राओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
गुलाबी रंग और चित्रकारी से सजे शौचालय
दोनों ग्राम पंचायतों में बनाए गए बालिका शौचालयों को गुलाबी रंग और आकर्षक चित्रकारी से सजाया गया है। दीवारों पर ‘मेरी बेटी-मेरा स्वाभिमान’ और ‘स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें’ जैसे संदेश लिखे गए हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय में स्वच्छता के साथ निजता और सम्मान का वातावरण उपलब्ध कराना है।
विद्यालयों में अलग बालिका शौचालय होने से छात्राओं को विशेषकर किशोरावस्था के दौरान होने वाली असुविधाओं से राहत मिल सकती है। बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के अनुकूल माहौल बनाने में भी सहायक हो सकती हैं।
प्रदेश में 286.85 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य
राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ 6 अगस्त 2026 को किया गया था। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में लगभग 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी असुविधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।