फरसगांव, 1 अक्टूबर 2026। बड़ेडोंगर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम प्रसंग को लेकर पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई थी।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे सूचना मिली कि मोहपाल के वर्तमान सरपंच मंगल सिंह मरकाम की अज्ञात लोगों ने मारपीट कर हत्या कर दी है। सूचना के बाद एसपी पंकज चंद्रा के निर्देश पर एएसपी कपिल चंद्रा और एसडीओपी फरसगांव अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में एफएसएल, साइबर टीम, बड़ेडोंगर थाना और रिजर्व केंद्र की पुलिस मौके पर पहुंची।
जंगल में घात लगाकर बैठे थे आरोपी
जांच के दौरान आरोपी मिट्ठू राम नेताम से पूछताछ में पुलिस के अनुसार सामने आया कि सरपंच मंगल सिंह मरकाम के आरोपी परिवार की एक महिला से प्रेम प्रसंग की चर्चा को लेकर पहले से रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते मिट्ठू राम नेताम, श्रवण कुमार नेताम, अमित कुमार नेताम, लखन नेताम, नब्बू वट्टी, राकेश मंडावी और प्रभु लाल नेताम ने हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर की रात सरपंच के गांव आने की सूचना मिलने पर सभी आरोपी पहाड़ी मार्ग और नदी किनारे जंगल में घात लगाकर बैठ गए। सरपंच के वहां पहुंचने पर आरोपियों ने उसे पकड़कर मारपीट की और बंधक बना लिया।
इलाज के लिए ले जाने से पहले मौत
पुलिस के अनुसार, मारपीट के बाद आरोपियों ने सरपंच के हाथ-पैर बांध दिए और घटनास्थल से करीब 60 मीटर दूर ले जाकर कंबल से ढंक दिया। इसके बाद आरोपी सड़क किनारे आग जलाकर रातभर वहां मौजूद रहे और सुबह करीब 5 से 5:30 बजे के बीच मौके से फरार हो गए।
सुबह परिजनों को सरपंच घायल अवस्था में मिला। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हत्या में इस्तेमाल डंडा और लोहे की रॉड बरामद
पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 103(1), 191(2) और 61(2)(क) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी मिट्ठू राम नेताम के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडा और लोहे की रॉड बरामद की है।
पुलिस ने मामले में मिट्ठू राम नेताम (45), श्रवण कुमार नेताम (20), अमित कुमार नेताम (20), लखन नेताम (25), नब्बू वट्टी (28), राकेश मंडावी (21) और प्रभु लाल नेताम (20) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी ग्राम मोहपाल, थाना बड़ेडोंगर के निवासी बताए गए हैं। मामले की जांच में थाना बड़ेडोंगर, साइबर टीम कोंडागांव और रिजर्व केंद्र कोंडागांव की टीम की भूमिका रही।