किसान की बेटी मनीषा ने NEET में लहराया परचम, अब बनेगी गांव की पहली डॉक्टर

बस्तर की माटी से निकली नई उम्मीद, सरकारी मेडिकल कॉलेज में हासिल की एमबीबीएस सीट

जगदलपुर, 29 सितंबर 2026। बस्तर के दरभा विकासखंड के ग्राम छिंदावाड़ा-कावारास की बेटी मनीषा कश्यप ने अपनी मेहनत और लगन से गांव का नाम रोशन किया है। साधारण किसान परिवार से आने वाली मनीषा ने NEET-2026 में सफलता हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट पक्की कर ली है। इस उपलब्धि के साथ वह अपने गांव से डॉक्टर बनने की राह पर आगे बढ़ने वाली पहली छात्रा बन गई हैं।

मनीषा किसान पिता चंदन सिंह कश्यप और माता गौरी कश्यप की बेटी हैं। उन्होंने जगदलपुर के ज्ञानगुड़ी कोचिंग सेंटर से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। इसके साथ ही वह नियमित रूप से लाला जगदलपुरी लाइब्रेरी में घंटों पढ़ाई करती रहीं। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने अनुशासन और समय प्रबंधन को अपनी तैयारी का आधार बनाया और लगातार मेहनत करते हुए नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की।

मनीषा की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ पूरे छिंदावाड़ा-कावारास गांव में खुशी का माहौल है। परिजनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

मनीषा का सपना अब एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनना और बस्तर के दूरस्थ इलाकों में रहकर लोगों की सेवा करना है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

मनीषा की कहानी यही संदेश देती है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ गांव की पगडंडियों से निकलकर भी डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया जा सकता है।

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