बिहान से मिली मदद, खेती से कारोबार तक पहुंचीं संगीता; सालाना सात लाख रुपये तक कमा रहा परिवार

स्वयं सहायता समूह से मिला 1.20 लाख रुपये का सहयोग, ट्रैक्टर-थ्रेशर और किराना दुकान से संवारी आर्थिक स्थिति

कोरिया, 12 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के ग्राम बसदेवपुर की संगीता ने मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपनी जिंदगी में बदलाव की मिसाल पेश की है। कभी खेती पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार आज कृषि आधारित सेवाओं और किराना व्यवसाय के जरिए आय के कई स्रोतों से जुड़ चुका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिहान योजना और महिला स्वयं सहायता समूह से मिले सहयोग ने संगीता को आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का अवसर दिया।

समूह से मिला सहयोग, शुरू किया कारोबार

संगीता के परिवार की आजीविका का प्रमुख आधार खेती था। सीमित आय के कारण घरेलू खर्च और अचानक आने वाली आर्थिक जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होता था। इस स्थिति को बदलने के लिए संगीता गांव के मां आराधना महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने ट्रैक्टर और थ्रेशर मशीन को आय अर्जित करने का साधन बनाया। इसके साथ ही किराना दुकान का संचालन शुरू किया, जिससे परिवार को नियमित आमदनी का एक अतिरिक्त जरिया मिला।

तीन गतिविधियों से मजबूत हुई आर्थिक स्थिति

संगीता अब कृषि संबंधी सेवाओं और किराना व्यवसाय सहित तीन आजीविका गतिविधियों का संचालन अपने परिवार के सहयोग से कर रही हैं। इन गतिविधियों से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। पहले जहां दैनिक खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती थी, वहीं अब आय के अलग-अलग स्रोतों से आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हो रही है।

सालाना सात लाख रुपये तक की आय

वर्तमान में संगीता के परिवार को तीनों आजीविका गतिविधियों से लगभग सात लाख रुपये की वार्षिक आय हो रही है। इस आर्थिक प्रगति ने परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ संगीता के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। आज वह परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और समाज में एक आत्मनिर्भर एवं उद्यमशील महिला के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।

संगीता की यह यात्रा बताती है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मिलने वाला वित्तीय सहयोग, सही योजना और मेहनत ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खोल सकता है। बिहान जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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