बेमेतरा10अक्टूबर2026/ छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जेवरा-एस में नवजात शिशु के अपहरण की शिकायत जांच में झूठी निकली। एक महिला ने घर पर प्रसव होने और दो अज्ञात महिलाओं द्वारा नवजात को ले जाने की कहानी बताई थी। पुलिस जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसके दावों की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।
परिवार के सामने सच छिपाने के लिए रची कहानी
पुलिस के अनुसार, ग्राम जेवरा-एस निवासी 20 वर्षीय तीजन वर्मा ने 4 अक्टूबर को नवागढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का कहना था कि 3 अक्टूबर को परिवार के सदस्य एक कार्यक्रम में गए थे और उसका पति बकरियां चराने गया था। इसी दौरान उसने घर में बच्चे को जन्म दिया। आरोप था कि दो अज्ञात महिलाएं उसे दवा पिलाकर प्रसव कराने के बाद नवजात को अपने साथ ले गईं।
शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। महिला के आरोपों के कारण नवजात के अपहरण की आशंका जताई जा रही थी।
पूछताछ और मेडिकल जांच में हुआ खुलासा
नवागढ़ थाना प्रभारी दुलेश्वर चंद्रवंशी और संबलपुर चौकी प्रभारी कृष्ण कुमार क्षत्री की टीम घटनास्थल पर पहुंची। मामले की जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। घटनास्थल के निरीक्षण और महिला से बार-बार पूछताछ के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास सामने आए।
पुलिस द्वारा कराए गए चिकित्सकीय परीक्षण में हाल ही में गर्भावस्था या प्रसव होने की पुष्टि नहीं हुई। जांच में सामने आया कि महिला ने परिवार के सामने गलत साबित होने के डर से गर्भावस्था और प्रसव की झूठी कहानी गढ़ी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने शरीर पर आलता-माहुर लगाकर प्रसव होने का आभास भी पैदा किया था।
झूठी सूचना देने पर पुलिस की कार्रवाई
जांच के बाद नवजात के अपहरण की शिकायत झूठी पाए जाने पर पुलिस ने महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत इस्तगासा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई की। इस मामले में नवजात के अपहरण की आशंका के बाद शुरू हुई जांच में पुलिस ने पूरी घटना को मनगढ़ंत बताया है।